あらすじ
श्री पंडित डा०वी तिवारी आत्मा जी महाराज का आविर्भाव ब्राह्मण कुल के कश्यप गोत्रीय पंडित श्री रंजीत तिवारी एवं माता सुशीला देवीजी के यहाँ हुआ। बचपन में इन्हें अपने दादा श्री पंडित रामदास जी महाराज का सानिध्य मिला जिनसे योग एवं रामायण गीता ज्ञान भक्ति का अमृत संगम प्राप्त कर एक कर्म योगी कर्मवीर बालक के रूप में आप उभरे। आप की प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता में हुई। वहीं पर महामाई मां काली के अनन्य भक्त श्री रामकृष्ण परमहंस जी की कृपा द्वारा दरिद्र नारायण सेवा की साधना एवं भक्ति योग प्रजापिता ब्रह्म कुमारी द्वारा संचालित राजयोग श्री चतुर्भुज सहाय रामश्रम मथुरा एवं एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक विश्व द्रष्टा मनीषी पंडित श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा यज्ञोपवीत संस्कार दीक्षा संस्कार कुंडलिनी जागृति तथा बंसी वाले बाबा लोक्नाथ बाबा एवं अन्य मनीषियों द्वारा हठयोग आदि की साधना पूर्ण की। आप कर्म योग एवं गृहस्थयोग को पूर्णता प्रदान करने हेतु देशभक्ति की अलख जगा के भारतीय थल सेना में आप ने देश सेवा की आपकी धर्मपत्नी उमाशशि जी एवम पुत्र अभिषेक तिवारी और सुपत्नी अंकिता तिवारी हैं। आपने अपने सेवा काल मे देश के कोने कोने में प्रेम हर्षितमुख कर्तव्यपरायण जनता जनार्दन एवं दरिदनारायण की सेवा ॐ चक्र योग और योग मुद्रा तथा साधना द्वारा प्रगति पथ पर बढ़ सफलता को प्राप्त किया। इस दौरान देश के शीर्षस्थ समाजसेवियों मदर टेरेसा एवं अन्य लोगों के साथ समाज सेवा कार्य संपादित किए। प्राकृतिक आपदाओं भूकंप सूनामी आपदा के दौरान अभावग्रस्त जनो की सेवा को परम धर्म मानना आपका स्वभाव है।