あらすじ
"प्रस्तुत कहानी उस दौर की है, जब पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था और अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आई.एस.आई.एस के संरक्षण में पंजाब के पढ़े-लिखे युवा बंदूक उठा कर अलगाववाद के रास्ते पर जा रहे थे । कुछ लोग इसके लिए कट्टर जेहादी मानसिकता और पाकिस्तानी शत्रुता को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन मेरी दृष्टि में विनाश के रास्ते पर केवल वही नौजवान जाता है, जिसकी जिंदगी में अभाव और आँखों में बड़े सपने होते हैं। मेरा यह उपन्यास न केवल आतंकवाद के कुछ ऐसे ही बुनियादी कारणों को रेखांकित करता है, बल्कि अपने चरित्रों के माध्यम से त्रिकोणात्मक प्रेम-संबंधों और मानवीय संवेदनाओं का गहरा परिचय भी देता है। इसे पढ़कर आप कमर्शियल सिनेमा जैसे आनंद का अनुभव करेंगे और कल्पना की एक अलग ही दुनियां में खो जाएंगे...."
ISBN: 9789368810520ASIN: 9368810524
