MeenakshiSinghSisodiya
दिल की आख़िरी धड़कनें थीं,, थोड़ा दर्द और बहुत तड़पनें थीं,, जिसको इसने कभी हंसाया था,, उन सबकी आँखों में थोड़ी बारिशें थीं,, अब ये दिल सबको छोड़ चला था,, और खत्म उसकी सारी मुश्किलें थीं। Meenakshi Singh उम्मीद है कि आपको ये कहानी पसंद आएगी।