あらすじ
व्यक्ति के जीवन में जब असफलता आती हैं या कोई ऐसी घटना जो उसे अकेला कर देती हैं। तब उसके मन में कई सवाल आते हैं मेरा क्या होगा? मैं अब क्या करूंगा? मैं कभी सफल नहीं हो सकता, कभी-कभी तो हताश भी हो जाता हैं उसे लगता है कि मुझे ईश्वर ने बेवजह ही जन्म दिया है.... तब एक " आवाज" आती है, जिसे वह सुनकर भी वह अनसुना कर देता है, लेकिन वही आवाज उसकी जिंदगी बदल देती है उसे एक नया वक्त, नई शक्ति, नया स्वरूप प्रदान करती हैं और वह आवाज होती है, उसके *मन की आवाज* बस जरूरत है तो उस आवाज को सुनने की, समझने की वह आवाज है... *सुनो तो अपने दिल की* इस किताब के माध्यम से हमने एक छोटा सा प्रयास किया हैं इंसान कितना शक्तिशाली है और वह अपनी जिंदगी को कैसे बदल सकता है। आशा करती हूं कि यह पुस्तक आपको पसंद आए और आपके जीवन में सकारात्मकता प्रदान करें। "सपने देखने या जागने के लिए सुबह का होना जरूरी नहीं जब जागो तब सवेरा । - *Vinita Vinay Panchal*