あらすじ
बात 2016 की है जब मैं डिप्रेशन में था, मुझे अपनी चिंता सताए जा रही थी, मेरी चिंताएं बढ़ने लगी कि यह मेरे साथ क्या हो रहा है | कभीकभी पूरी रात नींद नहीं आती थी, इसी वजह से मैंने अपनी पढ़ाई भी छोड़ दी | दोस्तों और परिवार वालों से मिलना जुलना छोड़ दिया और अपने आप से बातें करता था | मुझे बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है ? आज मैं पूरी तरह डिप्रेशन और एंजाइटी से बाहर हूं और अपनी चिंता से मुक्त होने के अनुभव को इस पुस्तक के माध्यम से बताना चाहता हूं। अगर आप भी चिंता से मुक्त होना चाहते तो आपको यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।
ISBN: 9789356108523ASIN: 9356108528