फुलवारी,एक छत्तीसगढ़ी खण्ड काव्य है। इसमें भारत वर्ष के दर्शनीय स्थलों का वर्णन है।देश और देशभक्ति से बड़ी कोई शै नहीं होती। मेरा देश विश्व में सबसे सुंदर सर्वश्रेष्ठ और पवित्र है।इस रचना के माध्यम से देश के समस्त मानवीय मूल्यों, कलाकृतियों, सभ्यता और संस्कृति की झलक का चित्रण किया गया है। पर्वत बादल वन आदि प्राकृतिक सौंदर्य का सजीव वर्णन किया गया है। आदरणीय सहृदय पाठकों के सुझाव सादर आमंत्रित हैं।