あらすじ
उड़ान -प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता-निर्देशक स्टीबन स्पीलवर्ग के अनुसार "आपको आगे जीवन में क्या करना है यदि किसी को समय रहते इस बात का पता लग जाये तो इससे महत्त्वपूर्ण चीज़ कोई दूसरी हो ही नहीं सकती। सफलता के सन्दर्भ में भी यही बात लागू होती है। जैसे मुझे 18 वर्ष की उम्र में पता था कि मुझे जीवन में क्या करना है। इसलिए मैं आज इस मुकाम तक पहुँच पाया। सच्चाई यह है कि अधिकतम लोगों को लगभग 25 वर्ष तक यही पता नहीं होता कि उन्हें जीवन में करना क्या है। कारण आपके मन में आपके पैरेंट्स और टीचर द्वारा दी गयी जानकारी की अनुगूँज आपके कानों में लगातार सुनाई पड़ती रहती है और आप समझ ही नहीं पाते कि आपको करना क्या है। और यही यदि आप जीवन -पर्यन्त करते रहे तो आप अपने दिल की आवाज़ कभी सुन ही नहीं सकते। बिल्कुल नेल्सन के उस गाने की तरह जिसमें वह कहता है 'एवरीबडी वाज टॉकिंग' मतलब 'आप हर किसी की आवाज़ सुनने के चक्कर में अपनी स्वयं की आवाज़ को नहीं सुन पाते।" यह किताब इसी अन्तस की आवाज़ को सुनने मात्र की एक कोशिश भर है, क्योंकि किताब का ध्येय वाक्य यही है कि "कितने भी गहनतम अन्धकार में कोई क्यों न पहुँच जाय वह स्वयं तो शेष रह ही जाता है स्वयं को जानने और पहचानने के लिए।" बिल्कुल लियो टॉल्स्टॉय के इस कथन की तरह “Kingdom of god within you” अर्थात् "ईश्वर का साम्राज्य स्वयं के भीतर है।" पुस्तक का प्रयास इसी स्वयं को खोजना और स्वयं की पहचान करना है। - प्रो. संजय सिंह बघेल



