PREFACE जैसे कि हमारी पुस्तक के नाम से ही मालूम चलता है कि!.हम अपने दिल की बात किसी को कहना चाहते हैं जो हम शायद! कभी- कभी कह नहीं पाते! और वह बातें शायद! दिल में ही रह जाती है! दिल की कुछ बातें जो शब्दों में लिखकर भी हम बयां कर सकते हैं! जैसे कि कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ विचार, इसी तरह की कई बातें! तो आईए जानते हैं कि क्या - क्या कहता है हमारा दिल