"पिता-जन्नत का द्वार" ,एक ऐसा काव्य संग्रह है जिसमे पिता के बलिदान ,प्रेम उनके द्वारा किए गए संघर्ष ,पिता और बेटी के बीच में जो लगाव , मुस्किलों में भी खुद को खुश रखना , खुशियों का खजाना ,पिता के अनोखे होने का विवरण इन कविताओं में मिलेगा और यह कविताएं जहन को छू देती है