'समीरा' कविता संग्रह में मैंने प्रेम से भरपूर गीत व कविताओं के साथ-साथ ग्रामीण परिवेश पर लिखने की कोशिश की है। प्रत्येक लेखक की तरह मैं भी आप सब पाठकों से प्रेम, सहयोग व आशीर्वाद की आशा रखता हूँ व उम्मीद करता हूँ कि आप मेरी कविताओं को भरपूर स्नेह प्रदान करेंगे। आदरणीय गुरु जी श्री राजेन्द्र कुमार टेलर 'राही', अज़ीज मित्र गिरवर किलानियाँ व प्रकाशक महोदय का आभार जिनके प्रयासों व शुभकामनाओं के बिना पुस्तक का प्रकाशन सभंव न हो पाता।