Media Kanoon Aur Naitikta : Ek Samkaaleen Drishtikon
RajeshUpadhyayDr.ShishirKumarSingh
あらすじ
“मीडिया कानून और नैतिकता : एक समकालीन दृष्टिकोण” एक गंभीर, शोधपरक और समसामयिक कृति है, जो भारत में मीडिया के कानूनी ढाँचे, नैतिक मूल्यों तथा डिजिटल युग में उत्पन्न नई चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक पत्रकारिता, संचार और विधि के विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ के रूप में विकसित की गई है इस पुस्तक में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संविधान का अनुच्छेद 19(1)(क), प्रेस की स्वतंत्रता, मानहानि, अवमानना, गोपनीयता, सूचना का अधिकार, साइबर कानून, डेटा संरक्षण, सोशल मीडिया विनियमन तथा फेक न्यूज़ जैसी जटिल और समकालीन समस्याओं पर गहन विवेचना की गई है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने के साथ-साथ कानून और नैतिक सीमाओं के अंतर्गत कार्य करता है पुस्तक यह भी बताती है कि डिजिटल युग में मीडिया की भूमिका केवल सूचना प्रसारण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उस पर सामाजिक उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और जवाबदेही का दायित्व भी बढ़ गया है। सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म, साइबर अपराध, डेटा सुरक्षा तथा निगरानी जैसे विषयों को व्यावहारिक उदाहरणों और विधिक दृष्टिकोण के साथ समझाया गया है लेखकों ने मीडिया नैतिकता के मूल सिद्धांतों—सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, गोपनीयता, उत्तरदायित्व और जनहित—को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए यह स्पष्ट किया है कि बिना नैतिक आधार के स्वतंत्र पत्रकारिता संभव नहीं है यह पुस्तक न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि वर्तमान समय में मीडिया से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और कानूनी जटिलताओं को समझने में भी सहायक है।