विश्व भर में जहाँ जहाँ गई रामायण कथा, भारतीय संस्कृति, ज्ञान, विज्ञान, वर्शन, साहित्य, योग, आयुर्वेद, जीवन-चर्या को साथ साथ लेकर गई रामायण कथा ! वक्षिण एशिया के देशों यथा इंडोनेशिया के जावा, सुमात्रा, मलाया, बाली इत्यादि द्वीपों, कम्बोडिया, थाईलैंड, मलेशिया, लावोस, जापान, रूस, चीन, तिब्बत, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और फिर मारीशस, दक्षिण अफ्रीका, और मिस्र के पिरामिडों में भारत की खोज के पश्चात कैरिबियाई देशों यथा फ़िजी, गुयाना, सुरीनाम, ट्रिनिडाड और टोबैगो में रामायण कथा के प्रभाव का जीवंत चित्रण ! भाषा-शैली ऐसी कि पढ़ना प्रारंभ किया, तो अध्याय समाप्त किए बिना ठहरने का प्रश्न ही नहीं उठता। यदि आपने पुस्तक पढ़ लिया तो भारतीय ज्ञान-गौरव से परिपूर्ण बौद्धिकता के शिखर पर होंगे आप ! आत्मविश्वास से भरा हुआ !