जिंदगी में कई सारे उतार-चढ़ाव आते हैं और इसका सामना सबको हिम्मत से करना चाहिए,निराशा से कुछ हासिल नहीं होता है। जिंदगी के कई पहलू होते हैं और इसी को लेखिका ने अपनी किताब में शब्दों द्वारा अभिव्यक्त करने का पहली बार प्रयास किया है। यह किताब उन्होंने अपने पिता को समर्पित की है,जो उनकी प्रेरणा रह चुके हैं।