गुरुदत्तGuruDutt
बिना परिश्रम धरती स्वयमेव धन उत्पन्न नहीं करती। इसी प्रकार बिना धरती (साधन) के परिश्रम मात्र धन उत्पन्न नहीं करता। इस विषय पर एक अनुपम और रोचक उपन्यास