माँ की ममता (कविताएँ)
विधुभूषणत्रिवेदीVidhuBhushanTrivedi
あらすじ
काव्य-क्रम समर्पण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी शत् शत् प्रणाम नमन्! इस जमीन की वह आखिरी मुलाकात... दो शब्द कुछ कहना है... आभार माँ मैं नहीं जानता प्रभु को कहीं पढ़ा पर माँ में पाया 1. माँ सरस्वती ऐसा वर दो 2. मूल मंत्र 3. मातृ वन्दना 4. माँ स्वर्ग से भी महान 5. माँ आप ही तो प्रकाश हैं 6. माँ की याद में 7. अम्मा की पहचान 8. माँ तो केवल माँ होती है 9. अये माँ यह कैसी मजबूरी 10. अम्मा से दिल की बात 11. माँ कुछ ऐसा गीत सुनाओ 12. वट छाया बस माँ ही हो सकती है 13. वह मौन रही वह मूक रही 14. माँ तुम्हारी पहचान 15. माँ तुम मेरी यादों में 16. अपने बबुआ के कैसे भाग्य सँवारे 17. गाँव के किनारे नीम का वह पेड़ 18. माँ कुछ बातें हैं कहनी 19. आ जाओ बस आ जाओ 20. तुमसे तुम्हारी शिकायत कृपा निधान 21. मैंने महाकाल को बाँध लिया है 22. माँ अच्छे दिन आने वाले हैं 23. अब्राहम लिंकन का मातृप्रेम 24. क्योंकि तुम नहीं माँ 25. अनमोल रिश्ते 26. तुम बड़भागी हम हतभागी 27. काश माँ आज तुम होती 28. माँ फिर दीवाली आई है 29. दिव्य मूर्ति तेरे दर्शन से 30. हम कितने बौने हैं 31. विवेकानन्द ने कहा था 32. श्री मुख से ‘माँ’ की वाणी फूटी थी 33. माँ के चरणों को अविरल धोने दो 34. तुम रामायण पढ़ती जाती थी35. माँ मैं कैसे तेरा शृंगार करूँ 36. सुखी हो हर माँ बस इतनी ही कामना 37. माँ मेरा अस्तित्व न होता! 38. फुग्गों को मैं देख देख ललचाता हूँ 39. मेरे सम्मुख तुम कभी न आना 40. माँ कितने पापों से तुमने उन्मुक्त किया है 41. घर की देहरी हम आबाद करेंगे 42. सच मानो मेरा दम घुटता था 43. मुझे चाहिये बस वात्सल्य मूर्ति 44. माँ तुम ही मेरा पाप हरो 45. तुम लालटेन सी दिखा रहीं 46. करहु कृपा सुत सेवक जानी 47. मानो मेरा कोई मुझको कहीं बुलाता है 48. श्वासों में बस स्पन्दन है 49. माँ कैसे प्रभु की कोमलता पाऊँगा 50. बूढ़े बाबू! तुम इनके हाथ पकड़ना 51. अलविदा माँ!