About The Book जीवन पर्यंत चलने वाला संघर्ष एक साधना हैं। संघर्ष ही जीवन हैं यह प्रायः हमनें सुना ही होगा। संघर्षमय जीवन इस लोक में आए हर एक जीव को जीना ही होता हैं। फिर चाहे वह नर हो या नारायण, नारी हो या नारायणी। जीवन और संघर्ष एक दूसरे के पर्याय तो हैं ही और यदि इन्हें एक दूसरे का पूरक भी कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। जीवन और संघर्षों पर आधारित कविताओं, कहानियों और अन्य लेखों का यह संकलन (Anthology) आपके अंदर एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करेगा।