Ab aapake aur aapake bachchon ki jindagi ka swarg aur narak aapake hathon me hai
PANKAJNAGAR
あらすじ
ये किताब उन Parents के लिए लिखी गयी है, जिनके बच्चे भटके हुए हैं या भटक सकते हैं। बिगड़े हुए हैं या बिगड़ सकते हैं। तो उन्हें वापस से सही मार्ग पर कैसे लाना है? उन्हें लाखों की भीड़ से अलग कैसे बनाना है? उन्हें सोशल मीडिया के जाल से कैसे निकालना है? उनके मन पर नियंत्रण कैसे लाना है? उन्हें जीवन की असली सच्चाई कैसे समझाना है? उन्हें ऐसा कैसे बनाना है कि वो आपकी हर बात माने? ऐसी हर बात का जवाब इस किताब में है। ये किताब आपके बच्चों के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करेगी। जो ना सिर्फ उनके शरीर, अपितु उनके मन-मस्तिष्क, बुद्धि और विवेक को भी एक नया जीवन प्रदान करेगी, बस आपको हनुमान बनकर इस किताब की बातों की सच्चाई को अपने अंदर और बाहर खोजना है और इस किताब की बातों को, संजीवनी बूटी की तरह थोड़ा थोड़ा उन्हें हर दिन पिलाना है। इस किताब में बड़े ही सरल तरिके से समझाया है कि अगर आज आप नहीं सुधरे, तो कैसे आपके बच्चों का भविष्य खतरे में आ जाएगा और उसका कारण क्या होगा और कौन होगा? वो सब इसमें लिखा गया है। और ये भी कि फिर कैसे आप अपने बच्चों के भविष्य को, उस संकट से निकाल सकते हो। इस किताब में बहुत सी ऐसी गहरी बातें भी लिखी गयी है, जिनके बारे में कोई लिखना छोड़ो, सोंच तक नहीं पा रहा है। तो जब आप इस किताब को पढ़ोगे, तो आपको एहसास होगा कि भविष्य के नर्क से, जीवन का स्वर्ग भी सम्भव है।